
द गो–गिवर (The Go-Giver) – समरी हिंदी में: सफलता का नया नज़रिया
आज की दुनिया में जहाँ हर कोई ज़्यादा से ज़्यादा पाने की होड़ में लगा है, वहीं बॉब बर्ग (Bob Burg) और जॉन डेविड मान (John David Mann) की किताब “द गो–गिवर“ हमें एक बिलकुल नया नज़रिया देती है: सच्ची सफलता पाने का रहस्य ‘लेने’ में नहीं, बल्कि ‘देने’ में है।
यह कहानी जो नाम के एक महत्वाकांक्षी युवा की है, जो अपनी सेल्स टारगेट को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी मुलाकात एक रहस्यमयी, सफल व्यवसायी ‘पिंडर’ से होती है, जो उसे सफलता के पाँच सार्वभौमिक नियमों से परिचित कराता है, जिन्हें पिंडर “सच्ची महानता के नियम” कहता है।
द गो–गिवर के 5 नियम (The Five Laws of Stratospheric Success)
ये वो सिद्धांत हैं जो जो को सिखाते हैं कि कैसे देने से ही आपको ज़्यादा मिलता है:
- मूल्य का नियम (The Law of Value): आपकी सच्ची कीमत आपके द्वारा दी जाने वाली मूल्य पर निर्भर करती है, न कि आपके द्वारा लिए गए मूल्य पर। जितनी ज़्यादा आप दूसरों को देंगे, उतना ही ज़्यादा आप पाएंगे। यह सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है, बल्कि उस मूल्य के बारे में है जो आप अपने काम और रिश्तों में जोड़ते हैं।
- मुआवजे का नियम (The Law of Compensation): आपकी आय सीधे इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने लोगों की सेवा करते हैं और कितनी अच्छी तरह करते हैं। ज़्यादा लोगों की मदद करें, उनकी समस्याओं को हल करें, और आपकी कमाई अपने आप बढ़ जाएगी।
- प्रभाव का नियम (The Law of Influence): आपका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप दूसरों के हितों को कितनी प्राथमिकता देते हैं। जो दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं, वे खुद ही सबसे ज़्यादा प्रभावशाली बन जाते हैं।
- प्रामाणिकता का नियम (The Law of Authenticity): सबसे कीमती उपहार जो आप दूसरों को दे सकते हैं, वह आपका अपना प्रामाणिक (authentic) स्वरूप है। सच्चे रहें, अपनी शक्तियों और कमजोरियों को पहचानें, और अपनी असली पहचान के साथ दूसरों के सामने आएं। लोग आपसे जुड़ना चाहेंगे।
- ग्रहणशीलता का नियम (The Law of Receptivity): सच्चे ‘गो-गिवर’ हमेशा देने के लिए खुले रहते हैं, लेकिन वे ग्रहण करने (receive) के लिए भी उतने ही खुले रहते हैं। ब्रह्मांड को आपसे प्यार करने और आपको उपहार देने की अनुमति दें। जब आप देने के लिए तैयार होते हैं, तो आपको लेने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
मेरा व्यक्तिगत विचार (My Personal Opinion)
“द गो-गिवर” कोई साधारण बिज़नेस बुक नहीं है; यह एक जीवन दर्शन है। इसने मुझे सिखाया कि सफल होने के लिए हमेशा दूसरों से आगे निकलने की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने से भी आप सफल हो सकते हैं। यह एक छोटी सी किताब है, लेकिन इसका संदेश बहुत गहरा है। मुझे लगता है ये किताब उन लोगों को बहुत पसंद आएगी जो अक्सर ये सोचते रहते है की मेरी आमदनी में कैसे बड़ा सकता हूँ और आमिर कैसे बना जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
“द गो-गिवर” हमें याद दिलाती है कि सच्ची दौलत, चाहे वह पैसा हो, खुशी हो या संतोष, हमेशा देने के कार्य से शुरू होती है। यह एक शक्तिशाली विचार है जो आपके जीवन और बिज़नेस दोनों को बदल सकता है।
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