
1. शहरी आजीविका को सशक्त बनाने का मिशन
दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) भारत सरकार द्वारा शहरी गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य शहरी गरीब परिवारों को स्वरोजगार (Self-Employment) के अवसर प्रदान करना, कौशल विकास (Skill Development) के माध्यम से उन्हें नौकरी के लिए तैयार करना और उन्हें किफायती आवास तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह योजना शहरी गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
2. DAY-NULM के मुख्य घटक और लाभ(Key Components & Benefits) 💰
यह योजना विभिन्न घटकों के माध्यम से शहरी गरीबों की मदद करती है:
A. स्वरोजगार कार्यक्रम (SEP – Self-Employment Programme)
- लाभ: व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यमों के लिए ₹2 लाख तक का बैंक लोन और समूह उद्यमों के लिए ₹10 लाख तक का लोन।
- सब्सिडी: लोन पर 5% से 7% तक की ब्याज सब्सिडी (अधिकतम ₹50,000/- प्रति व्यक्ति)।
- उद्देश्य: छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता।
B. सामाजिक गतिशीलता और संस्थागत विकास(SM & ID)
- लाभ: शहरी गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया जाता है।
- पूंजी सहायता: SHGs को बैंक लिंकेज और रिवॉल्विंग फंड (Revolving Fund) के रूप में ₹10,000/- की प्रारंभिक पूंजी सहायता।
- उद्देश्य: सामुदायिक स्तर पर बचत और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना।
C. कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट(ESTP – Employment through Skill Training & Placement)
- लाभ: शहरी गरीब युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- प्लेसमेंट: प्रशिक्षण के बाद, उन्हें नौकरी खोजने में सहायता (प्लेसमेंट) भी दी जाती है।
- उद्देश्य: युवाओं को स्थायी रोज़गार के लिए तैयार करना।
D. शहरी बेघरों को आश्रय(SUH – Shelter for Urban Homeless)
- लाभ: बेघर लोगों के लिए 24×7 आश्रय स्थल (Shelters) उपलब्ध कराना।
- सुविधाएं: इन आश्रयों में भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं।
- उद्देश्य: शहरी बेघर आबादी को गरिमामय जीवन प्रदान करना।
E. शहरी फेरी वालों को सहायता(Support to Urban Street Vendors)
- लाभ: शहरी फेरीवालों (Street Vendors) को पहचान पत्र, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता।
- उद्देश्य: उनके व्यवसाय को विनियमित और सुरक्षित बनाना।
3. पात्रता और आवश्यक शर्तें(Eligibility Criteria) ✅
DAY-NULM योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- शहरी गरीब: आवेदक शहरी गरीबी रेखा (Urban Poverty Line) से नीचे होना चाहिए।
- आयु: आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- निवास: आवेदक संबंधित शहरी स्थानीय निकाय (ULB) के अधिकार क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- अन्य: परिवार के किसी सदस्य ने पहले ऐसी ही किसी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
4. आवश्यक दस्तावेज़(Required Documents) 📄
योजना के विभिन्न घटकों के लिए अलग-अलग दस्तावेज़ों की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन सामान्यतः ये आवश्यक होते हैं:
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी।
- निवास प्रमाण: निवास प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र: गरीबी रेखा से नीचे होने का प्रमाण पत्र।
- बैंक खाता: बैंक पासबुक की प्रति।
- परियोजना रिपोर्ट: स्वरोजगार लोन के लिए प्रस्तावित व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट।
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
- पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर।
5. आवेदन कैसे करें? (How to Apply) 💻
DAY-NULM योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया घटक के आधार पर भिन्न होती है:
- स्वरोजगार लोन और कौशल प्रशिक्षण: आप अपने शहरी स्थानीय निकाय (नगर पालिका/नगर निगम) कार्यालय में सिटी मिशन मैनेजर (City Mission Manager) या नोडल अधिकारी से संपर्क करें। वे आपको आवेदन फॉर्म और आगे की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देंगे।
- स्वयं सहायता समूह (SHG): अपने वार्ड में कम्युनिटी मोबिलाइज़र (Community Mobilizer) या मिशन के तहत कार्यरत SHG facilitators से संपर्क करें।
- बेघर आश्रय: सीधे आश्रय स्थल पर संपर्क किया जा सकता है।
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