
भूमिका: गेज (Gauges) क्या हैं?
मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मास प्रोडक्शन (Mass Production) में हर पुर्जे को वर्नियर कैलिपर या माइक्रोमीटर से मापना बहुत समय लेने वाला काम होता है। इस प्रक्रिया को तेज़ और त्रुटिहीन बनाने के लिए गेज (Gauges) का उपयोग किया जाता है।
गेज एक ‘फिक्स्ड साइज’ वाला चेकिंग टूल है। यह हमें सटीक माप (जैसे $20.05$ mm) नहीं बताता, बल्कि यह केवल यह सुनिश्चित करता है कि बनाया गया पुर्जा अपनी निर्धारित लिमिट्स (Limits) के अंदर है या नहीं। इसे Limit Gauging या Go/No-Go सिद्धांत भी कहते हैं।
1. गो और नो–गो सिद्धांत (Go and No-Go Principle)
हर गेज के दो सिरे या दो हिस्से होते हैं:
- Go Side: यह हिस्सा जॉब के अंदर जाना चाहिए या उस पर फिट होना चाहिए। यह पुर्जे के ‘न्यूनतम धातु सीमा’ को दर्शाता है।
- No-Go Side: यह हिस्सा जॉब के अंदर नहीं जाना चाहिए। यदि यह चला जाता है, तो इसका मतलब है कि पुर्जा रिजेक्ट (खराब) है।
2. मुख्य गेज और उनके उपयोग (Types of Gauges)
A. प्लग गेज (Plug Gauge)
इसका उपयोग किसी छेद (Hole) के अंदरूनी व्यास (Internal Diameter) को जांचने के लिए किया जाता है।
- बनावट: इसके एक तरफ ‘Go’ और दूसरी तरफ ‘No-Go’ सिरा होता है। ‘Go’ सिरा ‘No-Go’ से थोड़ा लंबा होता है।
B. रिंग गेज (Ring Gauge)
इसका उपयोग शाफ्ट या किसी बेलनाकार वस्तु के बाहरी व्यास (External Diameter) को जांचने के लिए किया जाता है। यह रिंग के आकार का होता है।
C. स्नैप गेज (Snap Gauge)
यह ‘C’ आकार का होता है। इसका उपयोग भी बाहरी व्यास या मोटाई जांचने के लिए होता है, लेकिन यह रिंग गेज से ज्यादा तेज़ होता है क्योंकि इसे जॉब के ऊपर कहीं से भी ‘स्नैप’ (फंसाया) किया जा सकता है।
D. फीलर गेज (Feeler Gauge)
इसका उपयोग दो मिलने वाले पुर्जों के बीच के बारीक गैप (Clearance) को मापने के लिए किया जाता है। इसमें अलग-अलग मोटाई की कई स्टील की पत्तियां होती हैं।
- उदाहरण: इंजन के टैपेट वाल्व या स्पार्क प्लग का गैप चेक करना।
3. विशेष कार्यों के लिए गेज
| गेज का नाम | उपयोग (Purpose) |
| Radius Gauge | जॉब के बाहरी या भीतरी कोनों की गोलाई जांचने के लिए। |
| Screw Pitch Gauge | चूड़ियों (Threads) की पिच या प्रति इंच चूड़ियों की संख्या जांचने के लिए। |
| Wire Gauge | तारों की मोटाई और शीट मेटल की गेज संख्या (Thickness) मापने के लिए। |
| Standard Drill Gauge | ड्रिल बिट का सही व्यास (Diameter) चेक करने के लिए। |
4. गेज के लाभ (Benefits)
- समय की बचत: मापन के बजाय केवल ‘चेकिंग’ होने के कारण काम बहुत तेज़ होता है।
- कम कौशल की ज़रूरत: इसके उपयोग के लिए किसी बहुत अधिक कुशल कारीगर की ज़रूरत नहीं होती।
- शुद्धता: चूंकि गेज मास्टर टूल्स होते हैं, इसलिए गलती की संभावना बहुत कम होती है।
- मास प्रोडक्शन: एक साथ हजारों पुर्जों को कुछ ही घंटों में चेक किया जा सकता है।
5. गेज की सुरक्षा और रखरखाव
- गेज पर कभी जंग न लगने दें, काम के बाद उन पर हल्का तेल (Petroleum Jelly) लगाएं।
- ‘No-Go’ सिरे को कभी भी ज़बरदस्ती सुराख में न धकेलें।
- गेज को अन्य कटिंग टूल्स (जैसे रेती या छेनी) के साथ न रखें, क्योंकि उनकी सतह पर खरोंच आने से उनकी शुद्धता खत्म हो सकती है।
निष्कर्ष
गेज गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। जहाँ वर्नियर और माइक्रोमीटर का काम ‘मापना’ है, वहीं गेज का काम ‘पुष्टि करना’ है कि उत्पादन सही दिशा में है। एक कुशल फिटर के लिए हर गेज की पहचान और उसके सही उपयोग की जानकारी होना बहुत ज़रूरी है।
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