भूमिका: मैकेनिकल वर्कशॉप में कटिंग टूल्स का महत्व
मैकेनिकल इंजीनियरिंग और फिटिंग शॉप में ‘मार्किंग’ के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है—धातु को सही आकार और साइज में काटना। धातु को काटने, छीलने या घिसने के लिए जिन औजारों का उपयोग किया जाता है, उन्हें कटिंग टूल्स (Cutting Tools) कहते हैं।
वर्कशॉप में हाथ से चलाए जाने वाले मुख्य कटिंग टूल्स हेक्सॉ (Hacksaw), रेती (Files) और छेनी (Chisel) हैं। इन औजारों का सही चुनाव और उपयोग न केवल समय बचाता है, बल्कि काम में फिनिशिंग भी लाता है। आइए, इन तीनों टूल्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. हेक्सॉ (Hacksaw) – धातु काटने की आरी
हेक्सॉ का उपयोग धातु की छड़ों, पाइपों या चादरों को काटने के लिए किया जाता है। इसके मुख्य दो भाग होते हैं: फ्रेम और ब्लेड।
हेक्सॉ के भाग और प्रकार:
- फ्रेम (Frame): यह आमतौर पर ‘C’ आकार का होता है। यह दो प्रकार का होता है— ‘Fixed’ (एक ही साइज का ब्लेड लगता है) और ‘Adjustable’ (अलग-अलग लंबाई के ब्लेड लग सकते हैं)।
- ब्लेड (Blade): यह हाई स्पीड स्टील (HSS) या टंगस्टन स्टील का बना होता है। इसके दांतों की सेटिंग बहुत महत्वपूर्ण होती है।
- Pitch (पिच): दो दांतों के बीच की दूरी। कठोर धातु के लिए ‘Fine Pitch’ और नरम धातु के लिए ‘Coarse Pitch’ ब्लेड का उपयोग होता है।
ब्लेड की सेटिंग (Setting of Teeth):
ब्लेड के दांतों को थोड़ा दाएं और थोड़ा बाएं मोड़ा जाता है। इसे ‘Setting’ कहते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि कट (Slot) की चौड़ाई ब्लेड की मोटाई से थोड़ी ज्यादा हो, ताकि ब्लेड कटे हुए हिस्से में फंसे नहीं।

2. रेती (Files) – धातु को घिसकर चिकना करना
रेती एक ‘मल्टी-पॉइंट’ कटिंग टूल है। इसका उपयोग जॉब की सतह से अतिरिक्त धातु को बारीक कणों के रूप में हटाने और सतह को समतल व चिकना बनाने के लिए किया जाता है।
रेती का वर्गीकरण (Classification):
रेतियों को चार आधारों पर पहचाना जाता है:
- लंबाई (Length): आमतौर पर 100 mm से 400 mm तक।
- आकार (Shape):
- Flat File: साधारण समतल सतह के लिए।
- Round File: गोल सुराख को बड़ा करने के लिए।
- Half Round File: उत्तल और अवतल (Concave/Convex) सतह के लिए।
- Square/Triangular File: कोनों और स्लॉट के लिए।
- कट (Cut):
- Single Cut: फिनिशिंग के लिए।
- Double Cut: धातु को तेज़ी से हटाने के लिए।
- Rasp Cut: लकड़ी या चमड़े के लिए।
- ग्रेड (Grade): दांतों की घनीभूत (Density) के आधार पर— Rough, Bastard, Second Cut, और Smooth File।

3. छेनी (Chisel) – धातु को छीलना या काटना
छेनी एक ‘सिंगल पॉइंट’ कटिंग टूल है। जब धातु की मोटी परत हटानी हो या ऐसे हिस्से काटने हों जहाँ हेक्सॉ नहीं पहुँच सकता, तब छेनी का उपयोग हथौड़े (Hammer) के साथ किया जाता है।
छेनी के प्रकार:
- Flat Chisel: साधारण सतह को छीलने या वेल्डिंग के बाद अतिरिक्त धातु हटाने के लिए।
- Cross-Cut (Cape) Chisel: ‘Key-ways’ या संकरी नालियां बनाने के लिए।
- Half Round Nose Chisel: तेल की नालियां (Oil grooves) बनाने के लिए।
- Diamond Point Chisel: कोनों को साफ करने या ‘V’ आकार की नाली बनाने के लिए।
[Image showing Flat, Cross-cut, Half-round, and Diamond point chisels]
महत्वपूर्ण कोण (Angles):
छेनी के ‘Cutting Angle’ का सही होना ज़रूरी है। सामान्यतः स्टील के लिए यह 60° होता है। यदि कोण बहुत कम होगा तो छेनी धातु में धंस जाएगी, और बहुत ज़्यादा होगा तो यह फिसलेगी।
4. कटिंग टूल्स का उपयोग करते समय सावधानियाँ
- हेक्सॉइंग: ब्लेड के दांत हमेशा ‘Forward Stroke’ (आगे की ओर) होने चाहिए क्योंकि हेक्सॉ केवल आगे जाते समय काटता है। काटते समय हल्का दबाव दें और वापस आते समय दबाव हटा लें।
- रेती की सफाई (Pinning of Files): रेती के दांतों में धातु के बारीक कण फंस जाते हैं, जिसे ‘Pinning’ कहते हैं। इसे हटाने के लिए ‘File Card’ (तारों वाला ब्रश) का उपयोग करें। कभी भी हाथ से कण न साफ करें, उंगली कट सकती है।
- मशरूम हेड (Mushroom Head): छेनी के जिस हिस्से पर हथौड़ा मारते हैं, वह बार-बार चोट खाने से फैल जाता है (Mushroom shape)। ऐसी छेनी का उपयोग न करें, क्योंकि हथौड़ा फिसल सकता है। इसे ग्राइंड करके सीधा रखें।
- बिना हैंडल के औजार: कभी भी बिना हैंडल वाली रेती का उपयोग न करें। रेती की नुकीली ‘Tang’ आपकी हथेली में घुस सकती है।
5. रखरखाव और सुरक्षा (Maintenance)
- जंग से बचाव: उपयोग के बाद औजारों को साफ करके उन पर हल्का तेल लगाएं।
- टूल्स का भंडारण: कटिंग टूल्स को कभी भी एक-दूसरे के ऊपर पटककर न रखें। रेती के ऊपर रेती रखने से उनके दांत खराब हो जाते हैं।
- लुब्रिकेशन: हेक्सॉ से मोटा लोहा काटते समय ‘Coolant’ या पानी का उपयोग करें ताकि ब्लेड गर्म होकर अपनी ‘Hardness’ न खो दे।
निष्कर्ष
हेक्सॉ, रेती और छेनी मैकेनिकल वर्कशॉप के बुनियादी औजार हैं। एक अच्छा मैकेनिक वही है जो यह जानता है कि किस धातु के लिए कौन सा ग्रेड और कौन सा टूल सही है। इन टूल्स पर पकड़ हासिल करना ही ‘हस्त-कौशल’ (Manual Skill) की पहली सीढ़ी है। आईटीआई और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इनका नियमित अभ्यास ही उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करता है।
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