Google क्या है ? Google के बारे में कुछ रोचक बातें

Google kya hai, Internet ki duniya me iski kya pahachan hai ? दुनिया मे google के लिए कोई जानकारी असम्भव नही है। कहते हैं कि गूगल एक बेहद बडा और प्रसिद्ध सर्च इंजन है। google का नाम आज विश्व भर मे हर कोई जानता है। गूगल कि बहुत बडी पकड है करोडो – अरबो का कारोबार है तो आइए एक बार फिर नई रोचक जानकारियो से रूबरू होते हैं।
 
Google kya hai, Internet ki duniya me
 
वैसे तो इंटरनेट या यू कहे दुनीया का जाल कि स्थापना वर्ष 1995 मे हूआ था परन्तु google कि स्थापना 1998 मे 4 sep. को हुआ है। google सबसे बडा सर्च इंजन है और इसकी ही सहायक अन्य शाखाओ मे मुख्य रूप से Gmail ‘ youtube’ और google maps जैसी अनेक अन्य रूप मे भी सेवाए है । जिनका प्रयोग हम अपने नित्य जिवन के कार्यो मे करते हैं।
 

Google नाम कैसे पड़ा ?

 
Google का गूगल नाम पडने के पीछे बहुत मजेदार कहानी है – दरासल गूगल के नाम की वजह कि गूगल को मात्र एक रिसर्च परियोजना के अन्तरगत स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया ने मिनलो पार्क कैलिफोर्निया मे दो स्टूडेन्टस लैरी पेज तथा सर्गेई ब्रिन ने 1998 मे किया था।
 
दरासल google के संस्थापक लैरी पेज व सर्गेई ब्रिन गूगल को पहले Googol नाम से ही बनाना चाहते थे, क्योकी googol वह शब्द है जिसको हम यह भी कह सकते है कि एक (1) के पीछे करीब सौ (100) जीरो ( 0 ) लगाने से एक अनूठी संख्या का निर्माण होता है जिसे गोगोल कहते है और पेज तथा ब्रिन यही नाम चाहते थे |
 
लेकिन गलती से googol की बजाय googel हो गया। इसका Gmail वाला आइडिया Rajan seth का था gmail को गूगल की सेवा मे दर्ज करने से पहले गूगल ने 2 सालो तक gmail को यूज करके पूरी तरह परखा और जाचा और 2004 मे 1 April के दिन googel ने gmail कि सेवा प्रदान किया ।
 
 
सर्वप्रथम वही व्यक्ति gmail सेवा का लाभ उठा सकता था जो कि gmail अकाउन्ट बनाने को लिए आमत्रण भेजा हो बाद मे इसकी बढती लोकप्रियता को देख कर इसे free कर दिया गया।
 
सर्वप्रथम 1998 मे गूगल पहली बार डूडल नाम से दर्शको के होम पेज पर दिखाई दिया (डूडल मे काम करने वाले एक खास तरह दिन ‘लोग या किसी महान स्मृति को उनकी याद मे गूगल की होम पेज पर दर्शाता है या उसका सेम्बल आदि बनाता है |
 
जैसे – होली को होली का दिपावली पर wise by dipawali आदि) और उस समय नेवाडा नामक बर्निग फेस्टिवल मे भाग ले रहे लोगो के बारे मे विवरण था गूगल मे डूडल की करीब हजार कम्पनिया कार्यरत है जो कि वर्तमान समय मे हजारो डूडल पोस्ट हैडल करती है।
 
आपको जानकर शायद आश्चर्य होगा कि शुरू मे googel के संस्थापक को HTML ( Hyper Text Markup Language ) के बारे मे जरा भी जानकारी नही था। दरासल HTMPL यह एक पेज बनाने और डिजाईन बेवसाइट है।
 
 
इसी कारण आज तक गूगल का होमपेज भी वेहद सीधा – साधा ही रहा है। बहुत दिनो तक इसे केवल (return) मेन पेज वापस जाए पर क्लिक करके ही टैग पेज पर जाया जाता था क्योकी उस वक्त इस पर sumbit पेज बटन जो नही थे।
 
Internate की दुनीया से जूडी हर बेवसाईट चाहती है कि बहूत बडी संख्या मे लोग (visitors)आए और बहुत ज्यादा वक्त उनकी बेवसाईटो पर सक्रिय रहे, पर गूगल ही ऐसी कम्पनी है जो अपनी साईट के बारे में चाहती है कि साईट पे लगने वाले समय कम हो और सर्च रिजल्ट बेहतर हो।

Google की Income के बारे में जाने

 
गूगल की करीब 90% कमाई केवल विज्ञापनो , दुसरो के प्रचारो के माध्यम से ही होती है। googel कई अन्य Domin को भी अपने ही नाम किया है |
 
 
जैसे – googol’ googlr’ gooogl. ‘www.466453.com पर visit करने से भी गूगल का ही पेज खुलेगा क्योकी गूगल को जब आप नम्बर मे लिखेगे तो gका स्थान 4 व ooका 66पुन: g का 4 व e का 5 तथा l का 3 और जब आप गलती से गूगल की जगह 466453 टाईप करेगे तो वह आटोमैटीक ही 4666666455533 हो कर गूगल पेज को ही खोलता है, क्योकी इसमे अल्फाबेट और नम्बर साथ साथ होते हैं |
 
Googel ने हमे सडक और लोकेसन्स सम्बंन्धित जानकारी देने के खातिर अपने स्ट्रीट व्यू maps के लिए 80 लाख 46 हजार k.m तक पूरी सडक का फोटोग्राफ व जानकारिया लिया हुआ है।
 
प्रती सेकेन्ड गूगल पर करीब 64000 से भी अधिक सर्च किए जाते हैं। गूगल के दफ्तर मे 200 बकरिया भी काम करती है जो कि लान मे उगे घास को खाती है । एेसा इस कारण किया जाता है कयूकी लान मे उगे घासो को काटने मे मशीना का अगर उपयोग होता है तो दफ्तर मे काम कर रहे लोगो को धुओ व तेज आवाजो की वजह से बहुत दिक्कत होती है।
 
 
2005 मे googel ने android कम्पनी को खरीदा आप इसी से अन्दाजा लगा सकते है कि हर दिन 15 लाख से ज्यादा लोग android फोन खरीदते है और तकरीबन 80% बाजार पर कब्जा किये हुए है। गूगल ने 2014 sep.को अपनी पहली सोशल मिडिया बेवसाईट orkut को बंद कर दिया, जो उसकी पहली बेव थी।
 
2010 के बाद औसतन किसी ना किसी एक कम्पनी को गूगल ने जरूर खरीदा है। googel प्रतीदिन करीबन 6 अरब रूपयो से ज्यादा कि कमाई करता है । हर सेकेण्ड 50000 रूपए के करीब कमाता है।
 
प्रति हप्ते लगभग 20000 से अधिक लोग जाब के लिए अप्लाई करते है। गूगल के android आपरेटिग सिस्टम को Abcd नाम से अल्फाबेटलिय नाम दिए गए है जैसे – cupcake’ donut’ eclair ‘ froyo ‘ gingerbread ‘ honeycomb ‘ ice cream sandwich’ jellybean ‘ kitkat ‘ lolipop और वर्तमान marshmallow सामिल है।
 
 
गूगल को Yahoo सर्च इंजन खरीद सकती थी पर इसके संस्थापक ने 1 मीलियन डालर कि माग रखी जिस कारण वह googel से दरकिनार कर लिया। तभी लैरी पेज व सर्गेई ने अपनी पी.एच.डी कि पढाई को बीच मे ही छोड कर के पुन: गूगल पर काम करना शुरू कर दिया। शायद यह डिल न हुआ इसी कारण google आज अपना ही वजूद बना गया वरना मात्र याहू का एक सिस्टम होता।
 
हर साईट गूगल की ही कर्जदार है जो लोग सेवाओ को मुफ्त समझते है तो दरासल गूगल उसके बदले मे अन्य कम्पनियो से मोटी रकम लेता है।
 
अन्य कम्पनिया यूजर्स के बारे में किसी प्रकार कि जानकारिया गूगल से ही खरिदती है और अपने कम्पनियो के हर विज्ञापन को गूगल से ही करवाती है, इसके बदले गूगल मोटी रकम लेता है।
 
गूगल सर्च इंजन के पास 100 मिलियन गीगाबाईट स्टोर है, उतना डाटा को रखने के लिए हमे 1 टेराबाईट की 1लाख ड्राईव कि जरूरत होगी। 2006 मे googel ने online साईट youtube को खरीद लिया। और youtube पर हर सेकेण्ड के हिसाब से करीब 60 घण्टे तक विडियो शेयर किया।
 
youtube पर प्रतिमाह 6 घंटे अरब विडियो देखी जाती है। गूगल का ना कोई भी ओर छोर नही है जितना भी जानो सब कम ही है।
 
I hope ye jankari aapko achhi lagi. Agar aapka google se relative koi saval hai to niche diye comment box me type karke apna question puchh sakte hai.
 
Happy blogging..
 

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